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Posted in कविता

जो ह्रदय स्पंदन हो मुखरित……………(सत्यम शिवम)

करना कैसा बहाना प्रिय, जो ह्रदय स्पंदन हो मुखरित। मिलन निशा का इक गीत अनोखा, जो कंठो से फूट पड़े,…