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Posted in कविता

जो ह्रदय स्पंदन हो मुखरित……………(सत्यम शिवम)

करना कैसा बहाना प्रिय, जो ह्रदय स्पंदन हो मुखरित। मिलन निशा का इक गीत अनोखा, जो कंठो से फूट पड़े,…

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Posted in आलेख लेख संस्मरण

मेरी मौत खुशी का वायस होगी —-[मिथिलेश]

जिन्दगी जिन्दादिली को जान ए रोशन यहॉं वरना कितने मरते हैं और पैदा होते जाते हैं। क्रान्तिकारी रोशन सिंह का…