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जिहाद के मायने धर्मयुद्व नहीं—अतुल चंद्र अवस्थी

तुम्हारे लिए जिहाद के मायने धर्मयुद्व है, लेकिन धर्म की परिभाषा क्या जानते हो । जिसकी खातिर तुमने इंकलाब का…

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पीकर धुआं तुम जीतो हो किसके वास्ते—(दीपक शर्मा)

वैसे ही बहुत कम हैं उजालों के रास्ते,फिर पीकर धुआं तुम जीतो हो किसके वास्ते, माना जीना नहीं आसान इस…

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लकीर (कविता)—सुजाता सक्सेना

मैंइकलकीरबनाती अगरहोती हाथमेरे कलम,समां देती उसमेअपनेसारे सपनेऔर आशाओं के महल !इस सिरे सेउस सिरे तक –लिख देतीनाम तुम्हारेजीवन की हर…

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कही दूर हमेशा-हमेशा के लिये—(कविता)—संगीता मोदी “शमा”

कही दूर हमेशा-हमेशा के लिये—————————— —- वो दूंड रही थी बेचेनी में , करुण क्रंदन के साथ, वो चिड़िया ,…

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उजालों के रास्ते……दीपक शर्मा

वैसे ही बहुत कम हैं उजालों के रास्ते,फिर पीकर धुआं तुम जीतो हो किसके वास्ते, माना जीना नहीं आसान इस…

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मेरी माँ ——(मुस्तकीम खान)

जन्नत मुजको दिला दी जिसने दुनिया मैं वो हे मेरी माँ दुनिया मैं जीने का हक दिया मुजको वो हे…

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कौन तेरा मार्ग रोके?—–(अभिषेक )

पश्चिम से उन्मुक्त लहर आई है ,खजूर के वो पेड़ केमधुर मिलन की खबर लायी है! तूफ़ान ने तो दोपेड़ो…

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सम्वेदना ये कैसी?—(श्यामल सुमन)

सब जानते प्रभु तो है प्रार्थना ये कैसी?किस्मत की बात सच तो नित साधना ये कैसी? जितनी भी प्रार्थनाएं इक…

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मैं सपने देखता हूँ……ब्रजेश सिंह

मैं सपने देखता हूँहाँ मैं भी सपने देखता हूँकभी जागते हुए कभी सोते हुएकभी पर्वतों से ऊंचे सपनेकभी गुलाब से…