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मेरी मौत खुशी का वायस होगी —-[मिथिलेश]

जिन्दगी जिन्दादिली को जान ए रोशन यहॉं वरना कितने मरते हैं और पैदा होते जाते हैं। क्रान्तिकारी रोशन सिंह का…

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क्रांतिवीर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ——-मिथिलेश

यूँ तो नेताजी कब इस दुनिया को छोड़ गये यह आज भी रहस्य बना हुआ है लेकिन ऐसा मना जाता…

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विनोबा का भूदान और आज का भारत—-(कन्हैया त्रिपाठी)

गांधी के सच्चे लोगों में विनोबा भावे एक ऐसा नाम है जो वास्तव में गांधी जी के कार्यों को भली…

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पत्रकारिता का बदलता स्वरुप….(शिव शंकर)

पत्रकारिता जो की लोकतंत्र का स्तम्भ है, जिसकी समाज के प्रति एक अहम भूमिका होती है, ये समाज में हो…

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मत बाँटो देश (लेख)—–मिथिलेश

नया युग वैज्ञानिक अध्यात्म का है । इसमें किसी तरह की कट्टरता मूढता अथवा पागलपन है। मूढताए अथवा अंधताये धर्म…

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क्यूकी बाप भी कभी बेटा था ……संतोष कुमार “प्यासा”

एक जमाना था जब लड़के अपने घर के बड़े बुजुर्गों का कहना सम्मान करते थे उनका कहा मानते थे !…

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शिक्षा अनिवार्यता का सच … ….. ( शिव शंकर)

भारत में ६ से १४ साल तक के बच्चो के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का कानून भले…